Chaitra Navratri Colours 2026: चैत्र नवरात्री मे माँ दुर्गा की नौ रंग का विशेष महत्व

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Chaitra Navratri Colours 2025: नवरात्रि एक हिन्दू धार्मीक पर्व हे जो हर साल दो बार पालन किया जा रहा है। एक है चैत्र नवरात्रि और दूसरे का नाम है शरद नवरात्रि। चैत्र नवरात्रि चैत्र माह मैं पालन किया जा रही है, उसी समय मे मा दुर्गा को वासंती देवी रूप से जाने जाते हैं। चैत्र नवरात्री 2026 मार्च 19, 2026 से शुरू हो कर 27 मार्च 2026 में ख़तम होगी।

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Chaitra Navratri Colours 2026 बिशेष

चैत्र नवरात्रि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष्य प्रतिपदा से शुरू हो कर नवमी तक चलती हे । नवरात्रि का अर्थ है ‘नौ रातें’, जो शक्ति की देवी दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा को समर्पित है। और इस 9 दिंनो में माता दुर्गा की 9 अलग अलग रुपों की पूजा करते हे ।

भारत विविधताओं की भूमि है और यहाँ हर त्यौहार का अपना एक अलग महत्व है। इन्हीं प्रमुख त्यौहारों में से एक है नवरात्रि। ये सुभ अवसर शक्ति की आराधना ,भक्ति,दुर्गा माता की कथा सुनाने ,गर्बा और दांडिया जैसे उत्सव के लिए महोसोर हे ।

ये उत्सव ना केवल भारत में मनाया जाता हे बल्कि पुरे दुनिया में मनाया जाता हे । ये पर्व भारत के गुजरात और पश्चिम बंगाल में ज्यादा मनाया जाता हे । इस साल की नवरात्रि विशेष है क्योंकि कई शुभ होने वाला हे। ज्योतिष के अनुसार इस बार मां दुर्गा की कृपा से व्यापार और करियर में नई संभावनाएँ खुल सकती हैं।

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चैत्र नवरात्रि का इतिहास और महत्व:

नवरात्रि केवल धार्मिक आस्था और बिस्वास का पर्व हे , ये अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। पुराणों के अनुसार, इसी समय मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्त किया था। यही कारण है कि इन नौ दिनों को शक्ति उपासना का पर्व कहा जाता है।

Chaitra Navratri Colors 2026 क्या है?

इसके अलावा, नवरात्रि का संबंध भगवान राम की लंका विजय से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि भगवान राम ने रावण से युद्ध से पहले मां दुर्गा की पूजा की थी और विजय का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसलिए दसवें दिन विजयादशमी को रावण दहन किया जाता है।

चैत्र नवरात्रि 2026 के 9 दिनों की पूजा और महत्व :

यहां हम chaitra navratri nine colours के बारे मैं बताया है और पढ़िए navratri colours 2026 date with their significance.

देवी का रूप महत्वशुभ रंग परंपरा
माँ शैलपुत्रीशक्ति का प्रथम स्वरूप, कलश स्थापना का दिन, शक्ति और स्तिरता का प्रतिकYellow ( पीला )घटस्थापना, मां की आरती और मिट्टी का कलश रखना
माँ ब्रह्मचारिणीतप और संयम का प्रतीक, साधकों को धैर्य का आशीर्वादGreen ( हरा )व्रत शुरू करना, फलाहार करना
माँ चंद्रघंटासाहस और वीरता की देवी, डर को खत्म करने वालीGrey ( ग्रे ) गोल्डनघंटी बजाकर नकारात्मक ऊर्जा दूर करना
माँ कूष्मांडासृष्टि की रचयिता, स्वास्थ्य और ऊर्जा की देवीOrange ( नारंगी )दुर्गा सप्तशती का पाठ, विशेष भोग अर्पित करना
माँ स्कंदमातामातृत्व का प्रतीक, बच्चों की रक्षा करने वालीWhite ( सफेद रंग )घर में बच्चों के लिए विशेष पूजन
माँ कात्यायनीयोद्धा रूप, विवाह योग्य कन्याओं के लिए विशेषRed ( लाल रंग )शादी के इच्छुक युवाओं के लिए खास दिन
माँ कालरात्रिभय का नाश करने वाली, नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करने वालीRoyal Blue ( रयाल ब्लू ) नीलादीपक जलाकर अंधकार को दूर करना
माँ महागौरीशुद्धता और सौंदर्य की देवी, जीवन में शांति लाने वालीगुलाबीकन्या पूजन और विशेष भोग का आयोजन
माँ सिद्धिदात्रीसभी सिद्धियों और वरदानों की दात्रीबैंगनीहवन, समापन पूजा और भंडारा करना

इस 9 दिनों तक लोग उपवास रखते हैं और सात्विक भोजन करते हैं। फलाहार, साबू,आटा प्रमुख भोजन में शामिल होते हैं। सुबह और शाम आरती कर मां की कृपा प्राप्त की जाती है। घरों में अखंड ज्योति जलाना, कलश स्थापना और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ माना जाता है।

Navratri 2025 Colours with Date ( नवरात्रि कलर्स )

Date / तारीख और तिथिNavratri Colour Of The Day 2026
Navratri Day 1
19 March 2026 ( 19 मार्च 2026 ), गुरुवार , प्रतिपद
Yellow ( पीला )
Navratri Day 2
20 March 2026 ( 20 मार्च 2026 ), शुक्रवार, दित्तिया
Green ( हरा )
Navratri Day 3
21 March 2026 ( 21 मार्च 2026 ), शनिवार, तृतीया
Grey ( ग्रे ) Royal
Navratri Day 4
22 March 2026 ( 22 मार्च 2026 ), रविवार, चतुर्थी
Orange ( नारंगी )
Navratri Day 5
23 March 2026 ( 23 मार्च 2026 ), सोमवार, पंचमी
White ( सफेद रंग )
Navratri Day 6
24 March 2026 ( 24 मार्च 2026 ), मंगलवार, षष्टि
Red ( लाल रंग )
Navratri Day 7
25 March 2026 ( 25 मार्च 2026 ), बुधवार, सप्तमी
Royal Blue ( रयाल ब्लू )
Navratri Day 8
26 March 2026 ( 26 मार्च 2026 ), गुरुवार, अष्टमी
Pink ( गुलाबी )
Navratri Day 9
27 March 2026 ( 27 मार्च 2026 ), शुक्रवार, नवमी
Purple ( बैंगनी )

आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व:

नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह आत्म और ज्ञान शुद्धि का अवसर भी है। नौ दिन तक उपवास रहकर और सात्विक भोजन करने से शरीर और मन शुद्ध होते हैं ऐसा माना जाता हे । लोग नकारात्मक विचारों को त्यागकर सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा लेते हे । यह पर्व परिवार और समाज को जोड़ने का काम करता है। लोग एक-दूसरे के घर जाते हैं, कन्या पूजन करते हैं और मिलकर उत्सव मनाते हैं। Navratri 2025 kalash sthapana time और नवरात्रि 2025 कलस स्थापना टाइम पंजिका के अनुसार होगा।

नवरात्रि का नाम लेते ही गुजरात का गरबा और डांडिया नृत्य याद आता है। और पश्चिम बंगाल के साजसज्य सारा भारत को चकित कर देता हे । हर भारतीय ये दोनों राज्य को घूमने जाते हे माता दुर्गा की दर्शन के लिए । शाम के समय लोग पारंपरिक वेशभूषा पहनकर गरबा और डांडिया करते हैं। अब यह परंपरा देशभर में लोकप्रिय हो चुकी है।

निष्कर्ष:

नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व हे, जो जीवन में शक्ति, धैर्य और अच्छाई का संदेश देती है। यह हमें सिखाती है कि चाहे जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएं, धैर्य और सकारात्मक सोच से उन्हें हराया जा सकता है। नवरात्रि का हर दिन हमें नई ऊर्जा देता है। ये पर्व पुरे नारी जाती को प्रेरणा देता हे । उनको जीवन में शक्ति, धैर्य और अच्छाई के बारे में सोचने के लिए प्रेरणा और इस कलियुग में महिषासुर जैसे मनुष्य के साथ कैसे लड़ कर कैसे जितना हे प्रेरणा देता हे ।

1 साल में कितनी बार नवरात्र आते हैं?

एक साल में चार बार नवरात्र आते हैं, लेकिन दो नवरात्र बहुत धूम धाम पालन होता है, एक है चैत्र नवरात्र और एक है शारदीय नवरात्र या शरद नवरात्रि। चैत्र नवरात्र चैत्र महीने मैं आते हैं लेकिन शारदीय नवरात्र अश्विन महीने में आते हैं।

चैत्र नवरात्रि 2026 अष्टमी कब है?

चैत्र नवरात्रि 2026 अष्टमी 26 मार्च 2026 को पालन किया जाएगा। उसी दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा होती है।

कब से शुरू हैं चैत्र नवरात्रि 2026?

चैत्र नवरात्रि 2026 में 19 मार्च 2026 से शुरू हो कर 27 मार्च 2026 में ख़तम होगी।

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